दिल्ली:- काक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, इन्होने 6 जून को जंतर – मंतर पर सरकार के खिलाफ एक शांती प्रोटेस्ट का आयोजन किया था| जिसके तहत देशभर से हजारो युवा कार्यकर्ता दिल्ली जंतर – मंतर पर नीट मे हुई धांदले बाजी के खिलाफ धरणा प्रदर्शन कर भारत के (शिक्षामंत्री) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफेकी मांग की | साथी- साथ प्रधानमंत्री काभी इस्तीफा इस वक्त जैन जी ने मांगा. याद रहे आये दिन हो रहे नीट पेपर लीक कांड के चलते शिक्षा मंत्री की यह जवाब दे ही तय होती है की; उन्होने शिक्षा के मूल्य और महत्व को समझते हुए, इस तरह का बरताव कतई ना हो इसकी जवाब दे ही स्वीकारे | जीन गरीब घर के बच्चो ने डॉक्टर बनने के लिए जी जान से कडी मेहनत की होती है,और वक्त पर पेपर लिक कांड करके कोई पुंजीपति उस मेहनत करने वाले गरीब का हक मारता है, उस वक्त मजदूरी कर कर्जा लेकर अपने बच्चे को डॉक्टर बनाने की मनसा रखने वाला एक आम परिवार टूट जाता है। और कर्जे मे डूब जाता है, भारत मे नीट एक्झाम देने के लिए लाखो रुपया खर्च करना पडता है,तब जाके डॉक्टर की डिग्री मिलती है, और उस वक्त उन बच्चो के सपने टूट जाने से ना उम्मीद में परिवार का कर्जा और समाज की यातनाए इन से बचने के लिए आत्महत्या करणे पर विवस वह मासूम बच्चा खुद को खत्म कर देता है | ये हालात हमे पिछले तीन सालो मे देखने मे आए है | उसके बावजूद भी शिक्षा मंत्री जवाब देह स्वीकारणे मे नाकाम रहे है ऐसा आंदोलन करताओंका कहना है | देश मे कॉक्रोच जनता पार्टी का उदय सीजेआय सूर्यकांत इन्होने आर टी आय ऍक्टिव्हिस्ट के एक केस सुनवाई दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने मई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता पद की याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की थी: “वकील (या युवा) जो कॉकरोच की तरह हैं, जिन्हें कोई रोजगार नहीं मिलता… वे मीडिया, सोशल मीडिया और आरटीआई कार्यकर्ता बन जाते हैं और सभी पर हमला करते हैं।”
कॉकरोच’ विवाद और सीजेपी (CJP) का गठनविवाद की शुरुआत: मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी के बाद युवा वकीलों और बेरोजगारों ने सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी जताई।स्पष्टीकरण: विवाद बढ़ने पर सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्टीकरण दिया कि उनका इशारा सभी युवाओं के लिए नहीं था, बल्कि फर्जी डिग्री लेकर कानूनी पेशे में घुसने वालों पर था।सीजेपी का उदय: इस बयान के बाद ‘अभिजीत दीपके’ नामक व्यक्ति ने ऑनलाइन व्यंग्यात्मक तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का गठन कर दिया।
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इस तरह के बयान पर आधारित अभिजीत दिपके द्वारा कॉक्रोज जनता पार्टी बोल टिप्पणी कर सारे जंजी युवासे जो बेरोजगार है,आलसी है,ज्यादा से ज्यादा समय फोन पर रहते है, उन्हे आवाहन किया गया जो जादा से ज्यादा कॉकरोच जनता पार्टी से जुडे और एक मुव्हमेंट का रूप लेते हुए, भारतीय जनता पार्टी से भी ज्यादा फॉलोवर हासील कर लिए |और वही से शुरू हुई मांग, छे जून को प्रोटेस्ट करने अमेरिका के बोस्टन शहर मे मास कमुनिकेशन मे मास्टर डिग्री कर रहे अभिजीत दिपके दिल्ली एअरपोर्ट से जंतर-मंतर पहुचे | जहा बकायदा दिल्ली पोलीस ने उन्हे शाम तक धरणा देणे और प्रोटेस्ट करने की अनुमती दि | और श्याम को अभिजीत की तबियत गडबडाने से प्रोटेस्ट धरणा पीछे लिया गया |
लेकिन इसी दौर में कई संघटन जो सरकार के पक्ष मे होकर, इस शांती प्रोटेस्ट मे हिस्सा लेते है; और विरोध मे तरा तरा की डिबेट छेड देते है | सरकार के विरोधी संघटन भी उसमे होते है जो सरकार के खिलाफ बोलते है, तो सरकार के पक्ष मे भी संघटन होते है,जो सरकार के पक्ष मे बोलते है| इसी डिबेट के चलते वहा एक अलग तरीके का माहोल छा जाता है | जय श्रीराम के नारे लगाये जाते है | तो अधोभक्त होने का आरोप भीड मे से लगाया जाता है | आखिर इस का निष्कर्ष कुछ ना होकर शिक्षा के प्रति जागरूक होने की मनशा ना मानकर, इस आंदोलन को सरकार विरोधी बोला जाता है|
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शिक्षा एक सुरक्षित जीवन देती है लेकिन डॉक्टर ही हमारे कॉपीबाज रहेंगे तो इस देश का भविष्य क्या होगा? यहाँ का जन स्वास्थ व्यापार बन गया है, बडे – बडे अस्पतालोन मे फर्जीवाडा साफ नजर आता है, ऐसा कयास आम जन मानस से लगाया जा रहा है | तो दुसरी और सत्ता की जडे कमजोर करने वाला यह कॉक्रोच देश के सामने एक विकल्प ना बन जाए यह भी डर सत्ता के लोगों को सताता हुआ नजर आता है। क्या लक्ष्मण रेखा खीच पायेगी सरकार.. या युवाओंका आंदोलन और भी तेज होगा भविष्य में देखेंगे आगे…




